Vimshotari Mahadasha
ग्रहों का विशेष फल देने का समय तथा अवधि भी निश्चित है। चंद्रनक्षत्र का व्यतीत तथा संपूर्ण भोग्यकाल ज्ञात होने से ग्रहदशा ज्ञात हो जाती है।ग्रह अपने शुभाशुभ प्रभाव विशेष रूप से अपनी दशा में ही डालते हैं।किसी ग्रह की दशा में अन्य ग्रह भी अपना प्रभाव दिखलाते हैं।इसे उन ग्रहों की अंतर्दशा कहते हैं।इसी प्रकार ग्रहों की अंतर, प्रत्यंतर दशाएँ भी होती है।ग्रहों की पारस्परिक स्थिति से एक योग बन जाता है जिसका विशेष फल होता है।वह फल किस समय प्राप्त होगा, इसका निर्णय ग्रहों की दशा से ही किया जा सकता है।भारतीय प्रणाली में विंशोत्तरी महादशा का मुख्यतया प्रयोग होता है।इसके अनुसार प्रत्येक मनुष्य की आयु 120 वर्ष की मानकर ग्रहों का प्रभाव होता है।
Surya Graha - 6 Years ( Sun planet )
Chandra Graha - 10 Years ( Moon planet )
Mangal Graha - 7 Years ( Marse planet )
Rahu Graha - 18 Years ( Dragon's hade )
Guru Graha - 16 Years ( Jupiter planet )
Shani Graha - 19 Years ( Saturn planet )
Budh Graha - 17 Years ( Mercury planet )
Ketu Graha - 7 years ( Dragon's tail )
Shukra Graha - 20 Years ( Venus planet )
SHREE BRAHMANI JYOTISH CONSULTANT
MEHTA JAY JAGDISHBHAI
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