ग्रहों का विशेष फल देने का समय तथा अवधि भी निश्चित है। चंद्रनक्षत्र का व्यतीत तथा संपूर्ण भोग्यकाल ज्ञात होने से ग्रहदशा ज्ञात हो जाती है।ग्रह अपने शुभाशुभ प्रभाव विशे...
मैत्री समस्तभूतेषु ब्राह्मणस्योत्तमं_धनम् ।। ( विष्णुपुराणम् अ.०८ श्लोकः २४ ) सम्पूर्ण प्राणियोंमें मैत्री रखना ही ब्राह्मण का परम धन है। Keeping friendships with whole beings is the ultimate wealth of the Brahmin. 🙏🏻